CBSE की परीक्षाएं जुलाई नहीं कराने और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

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सीबीएससी की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जुलाई में कराने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।याचिका में मांग की गई है कि जुलाई में होने वाली सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए और इंटरनल असेस्मेंट के आधार पर स्टूडेंट्स का रिजल्ट घोषित किया जाए। आपको बता दें कि सीबीएसई बोर्ड की बाकी बची परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित होनी हैं।

सीबीएसई के एग्जाम जुलाई में कराने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चार अभिभावकों ने याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि परीक्षाएं रद्द की जाएं और कोर्ट निर्देश दे कि आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बच्चों को अंक दे दिए जाएं। दरअसल अभिभावकों ने कोरोनावायरस महामारी के फैलते संक्रमण के कारण चिंता जाहिर की है। अभिभावकों का कहना है कि  बच्चे परीक्षा देंने बाहर आएंगे तो उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा है। आपको बता दें कि देशभर में 15000 केंद्रों में सीबीएसई की परीक्षाएं होनी हैं।

आपको बता दें  कि बोर्ड भी अभी असमंजस में है कि कन्टेनमेंट जोन और वहां रह रहे उन छात्रों का क्या किया जाए जो परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। सीबीएसई 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच 13000 स्कूलों में होनी हैं।

आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा कि CBSE परीक्षायें कराता है या फिर नहीं

 

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